क्या केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा हुई महंगी..
भोलेनाथ के दर्शन के लिए बढ़ा किराया, 8 अप्रैल से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग…
केदारनाथ : चारधाम यात्रा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भगवान भोलेनाथ के पवित्र धाम केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का किराया बढ़ा दिया गया है। यह बढ़ा हुआ किराया इस साल यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की जेब पर असर डालेगा। केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की ऑनलाइन बुकिंग 8 अप्रैल से शुरू हो जाएगी और यह सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए राहत बन सकती है जो कठिन चढ़ाई से बचना चाहते हैं।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने 2025 की चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा के नए किराए जारी कर दिए हैं। इस साल सेवा के लिए न्यूनतम किराया ₹3,180 और अधिकतम ₹5,370 तक निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 10% से अधिक की वृद्धि है। यह किराया एकतरफा यात्रा के लिए है, और इसमें कर आदि शामिल नहीं हैं।
बढ़े हुए किराए के पीछे सबसे बड़ा कारण ईंधन की लागत, मेंटेनेंस खर्च और ऑपरेशनल शुल्क में वृद्धि को बताया जा रहा है। इसके साथ ही इस बार अधिक पारदर्शिता और सुगमता के लिए हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे दलालों और ब्लैक टिकटिंग पर रोक लग सकेगी।
केदारनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। ऊंचाई पर स्थित यह धाम पैदल यात्रा के कारण कई लोगों के लिए कठिन होता है, खासकर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा एक बड़ा सहारा बनती है। हालांकि किराया बढ़ने के बाद अब यह सेवा सभी के लिए सुलभ नहीं रहेगी, खासकर सामान्य आर्थिक स्थिति वाले तीर्थयात्रियों के लिए।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन 8 प्रमुख रूट्स से किया जाएगा, जिनमें फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी प्रमुख हैं। हर रूट पर अलग-अलग कंपनियों को सेवा का संचालन करने की अनुमति दी गई है और यात्रियों को केवल UCADA की अधिकृत वेबसाइट या पोर्टल से ही टिकट बुक करने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए प्रतिदिन सीमित संख्या में ही यात्रियों को ले जाया जाएगा, जिससे पर्यावरण और धाम की प्राकृतिक स्थिति को सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही यात्रियों को पहचान पत्र, हेल्थ सर्टिफिकेट और टिकट की प्रिंट कॉपी ले जाना अनिवार्य होगा।
कुल मिलाकर, श्रद्धालुओं को इस बार भोलेनाथ के दर्शन के लिए अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि ऑनलाइन व्यवस्था और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता देना सरकार की एक सराहनीय पहल है।
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